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पंचायतीराज विभाग

नाम – श्री शशिकांत पाण्डेय 
पदनाम – जिला पंचायतराज अधिकारी, बलिया
संपर्क नंबर – 05498-221963

-: योजनाओं पर संक्षिप्त नोट :

राज्य वित्त आयोग/14वाँ वित्त आयोग –

राज्य वित्त आयोग/14वाँ वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि से ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों के समग्र सवं समेकित विकास हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य कराया जाता है। इस योजनान्तर्गत ग्राम पंचायतों में पेयजल सुविधा हेतु हैण्डपम्पों के रख-रखाव, प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीटलाईट, खडंजा, नाली निर्माण, शासकीय भवनों की मरम्मत, कूओं का जीर्णोद्धार आदि का कार्य कराया जाता है। राज्य वित्त आयोग/14वाँ वित्त आयोग की धनराशि ग्राम पंचायतों के खाते में निदेशालय स्तर से सीधे अन्तरित की जाती है। वर्ष 2018-19 में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत मु0-3557.99 लाख एवं 14वाँ वित्त अयोग के अन्तर्गत मु0-11007.74 लाख की धनराशि ग्राम पंचायतों को दी गयी है।

 

बहुद्देशीय पंचायत भवन/राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान निर्माण –

ग्राम पंचायतों को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने तथा आमजनमानस को विभिन्न शासकीय जनसुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन निर्माण का प्राविधान किया गया है। ग्राम पंचायतों को प्रति पंचायत भवन मु०-17.46 लाख तथा पुराने पंचायत भवन की मरम्मत हेतु मु0-4.00 लाख की धनराशि दिये जाने का प्राविधान है। वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में एक-एक बहुद्देशीय पंचायत एवं वर्ष 2018-19 में आर०जी०एस०ए० योजनान्तर्गत 4 नये एवं 4 पुराने पंचायत का लक्ष्य है।

 

अन्त्येष्टि स्थल का निर्माण –

पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में अन्त्येष्टि स्थल के निर्माण/विकास का प्राविधान किया गया है, जिसके लिए शासन से प्रति अन्त्येष्टि स्थल हेतु मु०-24.12 लाख की धनराशि अनुमन्य है। वर्ष 2018-19 लक्ष्य 3 के सापेक्ष पुर्ति कर ली गयी है एवं 2019-20 में 8 के सापेक्ष 50 प्रतिशत प्रथम किस्त की धनराशि अन्त्येष्टि स्थलों के निर्माण हेतु अवमुक्त की गयी है।

 

मा०मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना

मा०मुख्य मंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अन्तर्गत सर्वोत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराये जाने का प्रविधान है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 16 ग्राम पंचायतों द्वारा उक्त योजना में ऑनलाइन आवेदन किया गया है।

नमामि गंगे योजना –

जनपद के 5 विकास खण्डों की गंगा किनारे की 41 ग्राम पंचायतों में से 40 ग्राम पंचायतों में एस०एलoडब्ल्यू०एम० का कार्य कराने हेतु डी0पी0आर0/कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति निदेशालय से प्राप्त की गयी है।

स्वच्छ भारत मिशन(ग्रा०) –

योजना का उद्देश्य :

(क) सफाई, स्वच्छता एवं खुले से शौच मुक्त कराकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य जीवन स्तर में सुधार लाना।

(ख) जागरूकता सृजन और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से स्थायी स्वच्छता सुविधाओं को  बढ़ावा देने वाले समुदायों और पंचायतीराज संस्थाओं को प्रोत्साहित करना।

() परिस्थितिकीय रूप से सुरक्षित और स्थायी स्वच्छता के लिए किफायती तथा उपयुक्त प्रद्योगिकीयों को बढ़ावा देना।

(घ) आवश्यकतानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए ठोस और तरल अपशिष्ठ प्रबन्धन पर विशेष ध्यान देते हुए समुदाय प्रबन्धित पर्यावरणीय स्वच्छता पद्धति विकसित करना।

(ड़) व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रति ईकाई लागत रू० 12,000.00/- प्राविधानित है, जिसमें केन्द्राँश रू० 7200.00/- एवं राज्याँश रू०4800.00/- निर्धारित है। लाभार्थी का अंशदान हटा दिया गया है, जो 02 अक्टूबर, 2014 से प्रभावी है। यदि लाभार्थी चाहे तो अपना धन लगाकर शौचालय का निर्माण निर्धारित मानक से उच्च स्तर का कराने के लिए स्वतंत्र है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय एवं ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबन्धन का कार्य कराये जाने का प्राविधान है।

व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कराने वाले लाभार्थियों की पात्रता:-

(अ) गरीबी रेखा के नीचे के समस्त परिवार।

(ब) गरीबी रेखा के उपर के परिवारों की निम्न श्रेणियाँ –

      1.अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के परिवार।

      2.लघु एवं सीमान्त किसान परिवार।

      3.भूमिहीन किसान परिवार।

      4. शारीरिक रूप से विकलांग परिवार।

      5. महिला प्रमुख परिवार।

अधिक जानकारी के लिए :- http://panchayatiraj.up.nic.in/(यहाँ  क्लिक करें)